New India Cooperative Bank News:- मुंबई स्थित New India Cooperative Bank हाल ही में कई बड़ी वित्तीय चुनौतियों से गुजर रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए छह महीने की सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। इन पाबंदियों के तहत बैंक फिलहाल नए लोन जारी नहीं कर सकता, किसी भी तरह का नया निवेश नहीं कर सकता, और खाताधारक अपनी जमा राशि नहीं निकाल सकते।

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हालांकि, बैंक कुछ विशेष स्थितियों में ऋणों का समायोजन कर सकता है। यह कदम डिपॉजिटर्स के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
बैंक को घाटे से उबरने की उम्मीद(New India Cooperative Bank News)
हालांकि बैंक पर आरबीआई के प्रतिबंध लगे हैं, लेकिन उसने पिछले वित्तीय वर्ष (2023-24) में अपने घाटे को काफी हद तक कम किया है। वर्ष 2022-23 में बैंक का कुल घाटा ₹30.74 करोड़ था, जिसे 2023-24 में घटाकर ₹22.77 करोड़ कर दिया गया। लेकिन इस दौरान बैंक के ऋण (Advances) पोर्टफोलियो में 11.66% की गिरावट दर्ज की गई।
बैंक अपनी प्रशासनिक लागतों में कटौती करके मुनाफे में सुधार की कोशिश कर रहा है। इसके तहत कुछ शाखाओं का विलय किया गया है और तीन परिसंपत्तियों को ₹31.23 करोड़ में बेचा गया है। इन प्रयासों के बावजूद, बैंक वर्ष 2023-24 के लिए डिविडेंड जारी नहीं कर पाया क्योंकि उसका कैपिटल टू रिस्क असेट रेशियो (CRAR) 9.06% पर है, जो RBI के न्यूनतम 10% मानक से कम है।
डिपॉजिटर्स के लिए राहत की उम्मीद
बैंक के जमा धन में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। 31 मार्च 2024 तक बैंक की कुल जमा राशि ₹2436.37 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹30.51 करोड़ (1.26%) अधिक है। हालांकि, ग्राहक फिलहाल अपनी जमा राशि नहीं निकाल सकते, लेकिन Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) की सुरक्षा के तहत वे ₹5 लाख तक की राशि क्लेम कर सकते हैं।
मुंबई स्थित New India Co-operative Bank पर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक की सामान्य व्यवसायिक गतिविधियों पर छह महीने की रोक लगा दी है। यह कदम बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति और तरलता (Liquidity) की चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है। इस प्रतिबंध के तहत बैंक नए लोन जारी नहीं कर सकेगा और ग्राहक अपने जमा धन की निकासी भी नहीं कर पाएंगे।
RBI ने क्यों लगाया प्रतिबंध?
RBI ने बैंक की वर्तमान वित्तीय स्थिति और बढ़ते घाटे को देखते हुए यह कदम उठाया है। बैंक पिछले कुछ वर्षों से लगातार नुकसान झेल रहा था, और वित्त वर्ष 2023-24 में ₹22 करोड़ से अधिक का घाटा हुआ। इसके अलावा, बैंक की तरलता (Liquidity) की स्थिति कमजोर हो गई थी, जिससे ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे।
RBI का आधिकारिक बयान
“बैंक की वर्तमान तरलता स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बैंक को यह निर्देश दिया गया है कि वह किसी भी बचत खाता, चालू खाता या किसी अन्य जमा खाते से निकासी की अनुमति न दे। हालांकि, बैंक को जमा राशि के विरुद्ध ऋण समायोजन (Set-off) की अनुमति दी गई है।”
भविष्य की रणनीति
- New India Cooperative Bank अपने वित्तीय संकट से उबरने के लिए लागत में कमी, परिसंपत्तियों की पुनर्मूल्यांकन (Revaluation), और शाखाओं के स्थानांतरण जैसी रणनीतियां अपना रहा है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैंक अपनी पूंजी और ऋण वसूली को मजबूत करने में सफल रहा, तो आने वाले महीनों में यह आरबीआई की पाबंदियों से मुक्त हो सकता है
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